रघोत्तम शुक्ल की कलम
मेरी रचनाओं,विचारों का लघु संसार...
Pages
(Move to ...)
Home
▼
मेरे कृतित्व के आयाम
(Move to ...)
Home
मेरी पुस्तकें : शिव स्तवन (प्रकाशित वर्ष 1975)
मेरी पुस्तकें : सचित्र रामायण सार ( चित्र सहित राम कथा -संक्षेप में )
मेरी पुस्तकें: दक्ष कन्या (अप्रकाशित)
मेरी पुस्तकें :शिव संदेश (अप्रकाशित)
मेरी पुस्तकें:गीत गोविन्द (काव्यमय अनुवाद , अप्रका...
मेरी पुस्तकें:युगद्रष्टा- पं. दीन दयाल उपाध्याय (एक जीवनी)
मेरी कविताएं
सामाजिक जीवन से जुड़े मेरे विचार
मेरी राजनैतिक टिप्पणियां
मेरे लेख :
▼
Sunday, 15 April 2012
देह का पराविज्ञान
›
अध्यात्म ग्रंथों और यौगिक क्रियायों द्वारा किए गए शोधों के अनुसार शरीर तीन स्तरों और पंच कोषों वाला है। तीन स्तर हैं-स्थूल , सूक्ष्म और कार...
Sunday, 25 March 2012
कृष्ण की कर्मभूमि में अकर्म को समर्थन
›
द्वापर युग के अन्त में भगवान विष्णु अपनी सम्पूर्ण कलावों सहित पृथ्वी पर श्रीकृष्ण के रूप में पधारे और उन्होंने भारत के उत्तर प्रदेश को अपनी ...
Saturday, 17 March 2012
ऊर्जा: कुण्डलिनी रहस्य
›
साधक के लिए कुण्डलिनी और उसका जागरण सदा से जिज्ञासा का विषय रहा है । यह 'शक्ति' और सर्वोच्च वैश्विक ऊर्जा है ,जिसे 'शिवसूत्र...
Friday, 24 February 2012
वेदों में सोम
›
वैदिक वाड्गमय में ' सोम ' का वर्णन आया है तथा उसके रस को पान करने व उसके प्रभाव का पर्याप्त उल्लेख है । उस...
Monday, 20 February 2012
शिव वंदना
›
शंकर , शशांक,शीश,शम्भु,शिव , शूलपाणि , शशिशिर,शैलजेश,शर्व,शाम्भवी के पति ।। कण्ठ कालकूट,काम कदन, कपाली,कालीकंत, करुणाकर,कपर्दी है कृपालु ...
Saturday, 14 January 2012
भारत भू की रज
›
अखिल विश्व में सबसे पावन भारत भू की रज है । इसी धूल में लोट पोटकर खेल राम हमारे । मुख में इसे डाल लेते थे नटखट नन्द दुलारे । चकि...
Thursday, 12 January 2012
मातृभूमि वंदना
›
भारत मां की पावन धरती को शत-शत वंदन । बहता यहां सुधा सम सुन्दर सुर सरिता का जल । रत्नाकर करता प्रक्षालन इसके अंघ्रि कमल ।। उत्तर म...
‹
›
Home
View web version